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चित्रगुप्त

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#16nov #14jan  महान संगीतकाऱ चित्रगुप्त के जन्मदिन पर हार्दिक श्रद्धांजलि चित्रगुप्त श्रीवास्तव  जन्म की तारीख और समय: 16 नवंबर 1917, गोपालगंज मृत्यु की जगह और तारीख: 14 जनवरी 1991, भारत बच्चे: मिलिंद चित्रगुप्त, आनंद चित्रगुप्त 🎂16 नवंबर 1917  ⚰️14 जनवरी 1991 जिन्हें चित्रगुप्त के नाम से जाना जाता है, हिंदी सिनेमा और भोजपुरी सिनेमा में एक भारतीय फ़िल्म संगीत निर्देशक थे उनका जन्म भारत के बिहार राज्य (जो अब गोपालगंज जिले में है) में सारण जिले के एक गाँव सवेरेजी में हुआ था।  वह दो विषयों में स्नातकोत्तर थे।  उनके बेटे आनंद-मिलिंद भी बॉलीवुड के संगीत निर्देशक हैं चित्रगुप्त ने 1946 से 1998 तक लगभग 150 फिल्मों के लिए संगीत की रचना की। इनमें से लोकप्रिय थे ज़बक, भाभी, ऊँचे लोग इंसाफ की मंज़िल और काली टोपी लाल रूमाल मोहम्मद रफ़ी और लता मंगेशकर द्वारा गाया गया गीत "लागी  छूटे ना अब तो सनम" काफी लोकप्रिय हुआ था 1962 में मीना कुमारी और सुनील दत्त अभिनीत फ़िल्म मैं चुप रहूंगी की रिलीज़ के बाद वे वे पूरे देश मे प्रसिद्ध हो गये यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर "सुपर...

चित्र गुप्त

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चित्रगुप्त श्रीवास्तव  🎂16 नवंबर 1917   ⚰️14 जनवरी 1991,  जिन्हें चित्रगुप्त के नाम से जाना जाता है, हिंदी सिनेमा और भोजपुरी सिनेमा में एक भारतीय फिल्म संगीत निर्देशक थे । उनका जन्म भारत के बिहार राज्य (अब गोपालगंज जिले में) के सारण जिले के एक गाँव सवरेजी में एक कायस्थ परिवार में हुआ था।  उनके बेटे, आनंद और मिलिंद श्रीवास्तव भी बॉलीवुड संगीत निर्देशक हैं। उन्होंने ज्यादातर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी के साथ काम किया। इसके अलावा 'गंगा की लहरें' का किशोर कुमार और लता मंगेशकर का गाया गाना 'मचलती हुई हवा में छम छम' भी हिट रहा। राजू भारतन के अनुसार, लता मंगेशकर ने चित्रगुप्त के निर्देशन में "240 गाने (151 एकल से कम नहीं)" गाए। उन्होंने किशोर कुमार से सेमी क्लासिकल गाना "पायलवाली देख ना" और लोकप्रिय गाना "अगर सुन ले कोई नगमा" गवाया।  💽चित्रगुप्त द्वारा रचित गीत: 📀 📽️फ़िल्म  📜वर्ष     🎙️गायक 1 चल उड़ जा रे पंछी भाभी (1957) मोहम्मद रफ़ी 2 एक रात में दो दो चांद खिले बरखा (1960) लता मंगेशकर और मुकेश 3 लागी छूटे ना अब तो सनम काली टोप...

दुर्गा खोटे

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दुर्गा खोटे (भारतीय फिल्म अभिनेत्री) 🎂जन्म 14 जनवरी, 1905 जन्म भूमि मुम्बई, ब्रिटिश भारत ⚰️मृत्यु 22 सितंबर, 1991 मृत्यु स्थान मुम्बई, भारत 📽️मुख्य फ़िल्में 'मुग़ल ए आजम', 'भरत मिलाप', 'विदाई', 'माया मछिन्द्र' आदि। पुरस्कार-उपाधि 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार', 'पद्मश्री', 'संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार' अन्य जानकारी अभिनय के अलावा दुर्गा खोटे ने लंबे समय तक लघु फ़िल्में, विज्ञापन फ़िल्में, वृत्तचित्रों और धारावाहिकों का भी निर्माण किया। दुर्गा खोटे ने वर्ष 1937 में 'साथी' नाम की एक फ़िल्म का निर्माण और निर्देशन भी किया। अपने ज़माने में हिन्दी व मराठी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। उन्होंने अनेक हिट फ़िल्मों में शानदार अभिनय किया। आरम्भिक फ़िल्मों में नायिका की भूमिकाएँ करने के बाद जब वे चरित्र अभिनेत्री की भूमिकाओं में दर्शकों के सामने आईं, तब उनके बेमिसाल अभिनय को आज तक लोग याद करते हैं। दुर्गा खोटे ने क़रीब 200 फ़िल्मों के साथ ही सैंकड़ों नाटकों में भी अभिनय किया और फ़िल्मों को लेकर सामजिक वर्जनाओं को दूर क...