मजरूह सुलतान पूरी
असरार उल हसन खान प्रसिद्ध नाम मजरूह सुल्तानपुरी 🎂जन्म 01 अक्टूबर, 1919 जन्म भूमि सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश ⚰️मृत्यु 24 मई, 2000 मृत्यु स्थान प्रबंधन कर्म भूमि, भारत कर्म-क्षेत्राधिकारी और अरबी शायर 📽️ प्रमुख फिल्में 'अंदाज', 'साथी', 'पाकीजा', 'तांगेवाला', 'धर्मकांटा', 'पेइंग गेस्ट', 'नौ दो दशक', 'काला पानी', 'चलती का नाम गाड़ी', 'बंबई का बाबू' , 'तीन देवियाँ', 'ज्वालाथिफ़' और 'अभिमान' इत्यादि। विद्यालय तकमील उल तीब कॉलेज पुरस्कार-उपाधि 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार' (1993), फिल्म मेला, 'राष्ट्रीय किसान सम्मान' (1991-92) सिचुएशन 🇮🇳 मजरूह सुल्तानपुरी 🎂जन्म- 01 अक्टूबर, 1919, उत्तर प्रदेश; ⚰️मृत्यु- 24 मई, 2000, सागर) भारतीय हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध शायर और लेखक थे। इनका नाम पूरा 'असरार उल हसन ख़ान' था। इनमें से एक लिखी हुई कलाम में जिंदगी के अनछुए लैपटॉप से शबाब स्थापना की जबरदस्त क्षमता थी। मजरूह के कलाम की शाइब नज़्मों के रूप में एक ऐसी ही गाथ...