नुसरत फतेह अली खान
नुसरत फतह अली खान सूफी शैली के प्रसिद्ध कव्वाल थे। इनके गायन ने कव्वाली को पाकिस्तान से आगे बढ़कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। 🎂जन्म: 13 अक्तूबर 1948, फ़ैसलाबाद, पाकिस्तान ⚰️मृत्यु: 16 अगस्त 1997, Cromwell Hospital, लंदन, यूनाइटेड किंगडम पत्नी: नाहीद नुसरत (विवा. 1979–1997) माता-पिता: उस्ताद फतह अली खां बच्चे: नायदा भाई: फर्रुख फतेह अली खान खान के 125एलबम निकल चुके हैं। इनका नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। नुसरत फतह अली साहब की विलक्षण शख्सियत, आवाज़ में रवानगी, खनकपन, क्या लहरिया, क्या सुरूर और क्या गायकी का अंदाज़ - लगता है, जैसे खुदा खुद ज़मी पर उतर आया हो। मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि जब नुसरत साहब गाते होंगे, खुदा भी उन्हें सुनता हुआ मदहोश-सा वहीं-कहीं आस-पास ही रहता होगा। धन्य हैं वो लोग, जो उस समय वहां मौजूद रहे होंगे। उनकी आवाज़, उनका अंदाज़, उनका वो हाथों को हिलाना, चेहरे पर संजीदगी, संगीत का उम्दा प्रयोग - यह सब जैसे आध्यात्म की नुमाइंदगी करते मालूम देते हैं। दुनिया ने उन्हें देर से पहचाना, पर जब पहचाना तो दुनिया भर में उनके दीवानों ...