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साबर कोटि

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साबर कोटि  भारतीय पंजाबी गायक हैं। उन्हें उनके गाने तेन्नू की दसिये के लिए ज्यादा जाना जाता है। 🎂जन्मतिथि: 25-अक्टूबर -1982जन्म स्थान: पंजाब, भारत ⚰️मृत्यु तिथि: 25-जनवरी-2018 पेशा: गायक साबर कोटि का जन्म 20 जनवरी 1965 को अमरनाथ और चिंति देवी के संगीतकारों के परिवार में हुआ था, और उनकी शादी रीता से हुई थी, जिनसे उनके तीन बच्चे एलेक्स कोटि, विलियम कोटि और रागेश्वरी कोटि हैं। साबर कोटी की लंबी बीमारी के बाद 25 जनवरी 2018 को जालंधर के एक अस्पताल में मृत्यु हो गई और कोट करार खान में उनका अंतिम संस्कार किया गया , जो उनका जन्मस्थान था। उनके अंतिम संस्कार के दिन, ग्राम परिषद ने उनके सम्मान में एक स्मारक बनाने की घोषणा की।  💽💿📀 1995 मेरा दिल खो गया  1996 आशकां दा दिल  1998 सोने दिया कंगना 2001 मूंदरां वाला जोगी 2001 इक चान उमरन ते 2002 शोक अमीरन दा 2006 तन्हाइयां 2008 फरमाइश 2012 चोट 2014 तेरा चेहरा 2014 गम नहीं मुकदे 2016 खैर खुवा 2016 दुख डेन दी 2017 हनजू 2017 शराब 2018असी ऐस जोगे रह गए

शजाद खान

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* Ş₳ŦเŞ𝓱👸🏻◣🍁💜⃝🇱♥︎2* ●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●   शहजाद खान जन्म शहजाद अली खान 25 अक्टूबर 1966 (उम्र 56) पेशा  अभिनेता सक्रिय वर्ष 1988 - वर्तमान माता-पिता अजीत खान परिवार अरबाज अली खान (भाई) *●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬● खान ने अपने अभिनय की शुरुआत 1988 की फिल्म कयामत से कयामत तक से की थी। उन्हें 1994 की फिल्म अंदाज अपना अपना में "भल्ला" की भूमिका के लिए जाना जाता है। वह हिट टीवी धारावाहिक शाका लाका बूम बूम में अपने चरित्र टाइगर के लिए भी लोकप्रिय हैं। उन्होंने सोनी बीएमजी के साथ असली लोइन मिक्स नामक एक एल्बम भी गाया और लिखा। उन्होंने फंडा अपना अपना (2010) नामक एक फिल्म का निर्माण करके निर्माण में अपनी किस्मत आजमाई, जिसने कभी रिलीज की रोशनी नहीं देखी। उन्होंने ज्यादातर खलनायकों के गुर्गे या साइडकिक की भूमिका निभाई है, लेकिन अभिनय की उनकी हास्य शैली के लिए जाने जाते हैं। वह लोकप्रिय बॉलीवुड अभिनेता अजीत खान के बेटे हैं। 📽️ 1988 सोम मंगल शनि  1988 कयामत से कयामत तक  1988 साला घुड्डा  1989 अभी तो मैं जवान हूं 1989 पुरानी हवेली 1989 खूनी मुर्दा 1992 किज़हक्कन पाथरोज़ 1993 धरती...

जसपाल भट्टी

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जसपाल भट्टी   पूरा नाम जसपाल भट्टी 🎂जन्म 03 मार्च, 1955 जन्म भूमि अमृतसर, पंजाब ⚰️मृत्यु 25 अक्टूबर, 2012 (उम्र- 57) मृत्यु स्थान जालंधर (सड़क हादसा) पति/पत्नी सविता भट्टी कर्म-क्षेत्र हास्य अभिनेता, व्यंग्यकार मुख्य फ़िल्में जानम समझा करो, आ अब लौट चलें, कुछ ना कहो, फ़ना, मौसम शिक्षा स्नातक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियर) विद्यालय पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज नागरिकता भारतीय जसपाल भट्टी (अंग्रेज़ी: Jaspal Bhatti, जन्म: 3 मार्च, 1955; मृत्यु: 25 अक्टूबर, 2012) भारतीय हिन्दी फ़िल्मों के अभिनेता और प्रसिद्ध हास्य कलाकार थे। जसपाल भट्टी सिर्फ हास्य कलाकार नहीं थे, बल्कि वह जीवन की विडंबनाओं पर चुटीली टिप्पणियां करने वाले सधे हुए व्यंग्यकार थे। महंगाई, भ्रष्टाचार, नेताओं के पाखंड या जीवन के दूसरे सवालों पर उन्होंने बहुत सधे हुए संवाद किए। 80 और 90 के दशक में दूरदर्शन पर उनके कार्यक्रम 'फ़्लॉप शो' और 'उल्टा−पुल्टा' बेहद चर्चित हुए। जीवन परिचय 🎂जसपाल भट्टी का जन्म 03 मार्च, 1955 को अमृतसर में हुआ। जसपाल भट्टी ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की उपाधि ली। अपन...

साहिर लुधियानवी

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साहिर लुधियानवी पूरा नाम अब्दुल हयी साहिर 'लुधियानवी' अन्य नाम साहिर 🎂जन्म 08 मार्च, 1921 जन्म भूमि लुधियाना, पंजाब ⚰️मृत्यु 25 अक्तूबर, 1980 मृत्यु स्थान मुम्बई, महाराष्ट्र कर्म-क्षेत्र कवि, गीतकार मुख्य रचनाएँ तल्ख़ियाँ (नज़्में), परछाईयाँ (ग़ज़ल संग्रह) भाषा हिंदी, उर्दू पुरस्कार-उपाधि जो वादा किया..., कभी कभी... के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार, पद्म श्री नागरिकता भारतीय अन्य जानकारी साहिर ने जब लिखना शुरू किया तब इक़बाल, फ़ैज़, फ़िराक आदि शायर अपनी बुलंदी पर थे, पर उन्होंने अपना जो विशेष लहज़ा और रुख़ अपनाया, उससे न सिर्फ उन्होंने अपनी अलग जगह बना ली बल्कि वे भी शायरी की दुनिया पर छा गये। भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध गीतकार और कवि थे। साहिर ने जब लिखना शुरू किया, तब इक़बाल, फ़ैज़, फ़िराक आदि शायर अपनी बुलंदी पर थे, पर उन्होंने अपना जो विशेष लहज़ा और रुख़ अपनाया, उससे न सिर्फ उन्होंने अपनी अलग जगह बना ली, बल्कि वे भी शायरी की दुनिया पर छा गये। साहिर ने लिखा - दुनिया के तजुरबातो-हवादिस की शक्ल में जो कुछ मुझे दिया है, लौटा रहा हूँ मैं। जीवन परिचय अब्दुलहयी ‘सा...

शारदा गायिका

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*●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●   ꧁ पूरा नाम शारदा राजन आयंगर प्रसिद्ध नाम शारदा *Ş₳ŦเŞ𝓱👸🏻◣🍁💜⃝🇱♥︎2* पूरा नाम शारदा राजन आयंगर प्रसिद्ध नाम शारदा 🎂जन्म की तारीख और समय: 25 अक्तूबर 1933, मद्रास प्रैज़िडन्सी ⚰️मृत्यु की जगह और तारीख: 14 जून 2023 कर्म भूमि भारत कर्म-क्षेत्र हिंदी सिनेमा प्रसिद्धि सिने पार्श्वगायिका नागरिकता भारतीय सक्रियता 1960-1970 अन्य जानकारी सन 1969 से लेकर 1972 तक फिल्मफेयर पुरस्कारों में उन्हें चार नामांकन प्राप्त हुए थे। शारदा को सर्वाधिक रूप से फ़िल्म 'सूरज' (1966) के गीत 'तितली उड़ी, उड़के चली" के लिये पहचाना जाता है ●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●   ꧁ अन्य जानकारी सन 1969 से लेकर 1972 तक फिल्मफेयर पुरस्कारों में उन्हें चार नामांकन प्राप्त हुए थे। शारदा को सर्वाधिक रूप से फ़िल्म 'सूरज' (1966) के गीत 'तितली उड़ी, उड़के चली" के लिये पहचाना जाता है। जन्म- 25 अक्टूबर, 1937) हिन्दी फिल्मों की प्रसिद्ध पार्श्वगायिका रही हैं। सन 1960 और 1970 के दशक में वह सक्रिय रहीं। सन 1969 से लेकर 1972 तक फिल्मफेयर पुरस्कारों में उन्हें चार नामांकन प्राप्त ...

सोनी राजदान

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#25oct सोनी राज़दान  हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री हैं। इनका विवाह फिल्म निर्देशक महेश भट्ट से हुआ है। फिल्म एक्ट्रेस आलिया भट्ट इनकी बेटी है। इन्होंने टी॰वी॰ सीरियल्स के अलावा कई फिल्मों में भी काम किया है।  🎂जन्म: 25 अक्तूबर 1956, बर्मिंघम, यूनाइटेड किंगडम बच्चे: शाहीन भट्ट, आलिया भट्ट पति: महेश भट्ट (विवा. 1986) माता-पिता: गर्ट्रुडे होएलज़र, एन॰ राज़दान बहन: टीना राज़दान राज़दान ने अंग्रेजी थिएटर में अपने करियर की शुरुआत जॉन फॉल्स की ' द कलेक्टर' से की और अपने हिंदी स्टेज करियर की शुरुआत जीन पॉल सार्त्र की ' नो एग्जिट' पर बनी सत्यदेव दुबे की फिल्म बंड दरवेज़ से की । उनकी तस्वीरें फ्रेंको ज़ेफिरेली ने देखीं जो उन्हें अपनी लघु श्रृंखला, जीसस ऑफ नाज़रेथ में मैरी के रूप में कास्ट करना चाहते थे । हालाँकि, यह भूमिका ओलिविया हसी को दी गई थी और राज़दान को एक युवा दुःखी माँ की भूमिका के साथ-साथ अन्य दृश्यों में एक अतिरिक्त कलाकार के रूप में दिखाया गया था।इस्लाम अपनाने पर सोनी ने अपने मुस्लिम नाम के रूप में सकीना नाम चुना। 📽️ 36 चौरंगी लेन आहिस्ताआहिस्ता मंडी सा...