रेडियो सिलोन
रेडियो सिलोन (Radio Ceylon): एशिया की वो आवाज़ जिसने सरहदों को समेट दिया अगर हम बीते दौर के रेडियो इतिहास के पन्ने पलटें, तो एक नाम सबसे चमकीला और गूंजता हुआ नजर आता है—रेडियो सिलोन। यह सिर्फ एक रेडियो स्टेशन नहीं था, बल्कि दक्षिण एशिया (विशेषकर भारत) के करोड़ों लोगों के दिलों की धड़कन और उनकी सुबह-शाम का हमसफ़र था। दूरदर्शन और एफएम के आने से बहुत पहले, जब भारत में ऑल इंडिया रेडियो (AIR) ने फिल्मी गानों पर पाबंदी लगा दी थी, तब श्रीलंका (तब सिलोन) से उठी इस आवाज़ ने भारतीय उपमहाद्वीप पर राज किया। 📻 शुरुआत और गौरवशाली इतिहास रेडियो सिलोन एशिया का सबसे पुराना रेडियो स्टेशन है। स्थापना: इसकी शुरुआत 1923 में 'कोलंबो रेडियो' के रूप में हुई थी, जो ब्रिटिश काल में शुरू हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसे मिलिट्री के हवाले कर दिया गया और बाद में यह 'रेडियो सिलोन' के नाम से मशहूर हुआ। लोकप्रियता का टर्निंग पॉइंट: 1950 के दशक में भारत के सूचना और प्रसारण मंत्री बी. वी. केसकर ने ऑल इंडिया रेडियो पर हिंदी फिल्मी गानों (जिन्हें वे 'अश्लील' या ...