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देहरादून

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देहरादून: हिमालय पर्वत श्रृंखला में बसे, देहरादून भारत के सबसे पुराने शहरों में से एक है और हाल ही में नवंबर -2000 के महीने में नवनिर्मित उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) राज्य की अनंतिम राजधानी के रूप में घोषित किया गया है। ‘द्रोण के एडोब’ के रूप में भी जाना जाता है, देहरादून हमेशा गढ़वाल शासकों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है जिसे ब्रिटिश द्वारा कब्जा कर लिया गया था। कई राष्ट्रीय संस्थानों और संगठनों का मुख्यालय जैसे ओएनजीसी, भारत सर्वेक्षण, वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान आदि स्थित हैं। देहरादून में भारतीय न्यूट्रिशियन अकादमी, आरआईएमसी (राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन की राष्ट्रीय अकादमी (एलबीएसएनएए) आदि जैसे कुछ प्रमुख शैक्षिक और प्रशिक्षण संस्थान भी मौजूद हैं। यह एक इष्ट पर्यटन स्थल है क्योंकि यह पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से अपने शांत माहौल तक उत्साही लोगों को आकर्षित करती है। इसे बासमती चावल, चाय और लेईची बागानों की प्रचुरता में जोड़ें जिससे शहर को स्वर्ग में बदल द...

बागेश्वर बाबा

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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (जन्म 4 जुलाई 1996, धीरेंद्र कृष्ण गर्ग), जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार या महाराज के नाम से भी जाना जाता है, भारत के मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक धार्मिक तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश हैं वह छतरपुर के बागेश्वर धाम में कथा वाचन करते हैं। शास्त्री जी,जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं। वह वर्तमान में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक हिंदू तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर और प्रमुख के रूप में सेवा कर रहे हैं। जन्म 'धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 4 जुलाई 1996 छतरपुर ,मध्यप्रदेश,भारत धर्म सनातनी हिन्दू के लिए जाना जाता है पीठाधीश्वर बागेश्वर धाम सरकार राष्ट्रीयता भारतीय मांग हिंदू राष्ट्र,हिंदू एकता, रुचि _ सनातनी हिंदू,सनातनी मुसलमान,सनातनी सिख,और सनातनी ईसाइयों का समर्थन, प्रेम , विश्वाश में दृढ़ता को देखना। जीवन उनका जन्म 4 जुलाई 1996 को छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में एक गर्ग(ब्राम्हण) में हुआ था। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गर्ग का बचपन उनके ही गांव में बीता है। वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं।  उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गा...

सर्जरी बैन हो

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✍️भारत का चिकित्सा क्षेत्र जल्द ही ध्वस्त होने की कगार पर है — यहां तक कि संसदीय समिति ने भी इसे खुलकर स्वीकार किया है। 📺Zee News पर प्रकाशित एक हालिया शोध रिपोर्ट के अनुसार, भारत में होने वाली लगभग 44% सर्जरी फर्जी, नकली या अनावश्यक हैं। यानी अस्पतालों में होने वाली लगभग आधी सर्जरी मरीजों या सरकारी बीमा से पैसा निकालने के लिए की जाती हैं। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि भारत में 👉55% हार्ट सर्जरी, 48% हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय निकालना), 47% कैंसर सर्जरी, 48% घुटना प्रत्यारोपण, 45% सिजेरियन डिलीवरी*, और कई कंधे व रीढ़ की सर्जरी फर्जी या अनावश्यक हैं। महाराष्ट्र के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों के सर्वे में सामने आया कि बड़े अस्पतालों में सीनियर डॉक्टरों की तनख्वाह 👉1 करोड़ रुपये प्रति माह तक होती है। कारण: जो डॉक्टर मरीजों को अनावश्यक जांच, इलाज, भर्ती या सर्जरी के लिए उकसाते हैं, उन्हें ज्यादा कमाई होती है। (स्रोत: BMJ Global Health) Times of India ने कई ऐसे मामले प्रकाशित किए हैं जहाँ 🚫मृत मरीजों को जिंदा दिखाकर “इलाज” के नाम पर पैसे वसूले गए🚫 — यह सबसे घिनौना धोखा अब कई जगह...

लिंडिड कंपनी बनाने का आसान तरीका

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पहले दुकान टाइप मॉल का बोर्ड लोगो मार्का रजिस्टर कर बादमे उसी को लिमिटेड बना सकता हू? जवाब जी हाँ, आप बिल्कुल ऐसा कर सकते हैं और बिजनेस शुरू करने का यह तरीका सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा माना जाता है। ​आप शुरुआत में अपने मॉल या दुकान के नाम, बोर्ड और लोगो (Logo/Brand Name) को सुरक्षित करके काम शुरू कर सकते हैं, और जब आपका बिजनेस बड़ा हो जाए, तो उसी नाम और लोगो के साथ उसे प्राइवेट लिमिटेड या लिमिटेड कंपनी में बदल सकते हैं। ​इसे कानूनी और सही तरीके से करने के लिए आपको इन स्टेप्स को समझना होगा: ​1. शुरुआत में नाम और लोगो को कैसे सुरक्षित करें (ट्रेडमार्क)? ​जब आप मॉल या बड़ी दुकान शुरू कर रहे हैं, तो सबसे पहला और जरूरी काम है ट्रेडमार्क (Trademark) रजिस्ट्रेशन कराना। ​फायदा: इससे आपके मॉल का नाम, बोर्ड का डिज़ाइन और लोगो कानूनी रूप से आपके नाम पर रजिस्टर हो जाएगा। कोई भी दूसरा व्यक्ति आपके शहर या देश में उस नाम से दुकान या मॉल नहीं खोल पाएगा। ​शुरुआती बिजनेस स्ट्रक्चर: शुरुआत में आप इस काम को एक साधारण प्रोप्राइटरशिप (Proprietorship - सिंगल ओनर) या पार्टनरशिप (Partnership) के तहत शुरू कर ...

Multi-Vendor Blogging Platform

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मल्टी-वेंडर ब्लॉगिंग वेबसाइट (Multi-Vendor Blogging Platform) बनाना सबसे समझदारी का काम है। आप एक ऐसी वेबसाइट बना सकते हैं जहाँ लोग आकर "ब्लॉग वाणी" के अंदर अपना खुद का सब-ब्लॉग (जैसे: ://blogvani.com ) बना सकें। आप उनसे पैसे लेकर उन्हें ब्लॉगिंग की जगह दे सकते हैं और खुद मोटी कमाई कर सकते हैं। इसे शुरू करने का पूरा बिजनेस मॉडल और तरीका नीचे दिया गया है: फ्री और प्रीमियम प्लान: आप लोगों को शुरुआत में फ्री में ब्लॉग बनाने की सुविधा दें। स्पेस बेचना (Paid Upgrades): जब उनका ब्लॉग बड़ा हो जाए और उन्हें ज़्यादा फोटो-वीडियो अपलोड करने हों, तो उनसे महीने के ₹99 या ₹199 चार्ज करें। विज्ञापन से कमाई (Ads): उनके ब्लॉग पर जो भी विज्ञापन चलेंगे, उसका कुछ हिस्सा (Commission) आपको मिलेगा। कस्टम डोमेन सर्विस: आप यूजर्स को उनकी पसंद का डोमेन (जैसे xyz.com ) सीधे आपकी वेबसाइट से जोड़ने की सुविधा देकर पैसे कमा सकते हैं। इस सेटअप को खुद का मालिकाना हक (Own Platform) देने के लिए आपको दो चीज़ों की ज़रूरत होगी, जिसे आप अपने फोन से ही मैनेज कर सकते हैं: डोमेन नेम: blogvani.com या blogvani....

बिना कोडिंग

एक संपूर्ण मुफ्त वेबसाइट बनाना जिसमें अनलिमिटेड पेज, वीडियो, ऑडियो होस्टिंग और हर यूजर के लिए 4000 सदस्यों के साथ ऑडियो/वीडियो कॉलिंग की सुविधा हो, तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है। पूरी तरह से मुफ्त प्लेटफॉर्म (जैसे WordPress.com या Blogger) असीमित स्टोरेज और लाइव कॉलिंग की अनुमति नहीं देते हैं। इस प्रकार के बड़े और जटिल प्लेटफॉर्म को स्थापित करने के लिए आपको कुछ मुफ्त ओपन-सोर्स (Open-Source) तकनीकों और क्लाउड टूल्स को आपस में जोड़ना होगा। इसे करने का सबसे व्यावहारिक तरीका नीचे दिया गया है: 1. वेबसाइट और कंटेंट मैनेजमेंट (अनलिमिटेड पेजों के लिए) WordPress.org (ओपन-सोर्स): यह सॉफ्टवेयर बिल्कुल मुफ्त है। इसमें आप असीमित टेक्स्ट, पेज और पोस्ट बना सकते हैं। फ्री होस्टिंग: शुरुआत के लिए आप InfinityFree या 000webhost जैसी मुफ्त होस्टिंग का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, भारी वीडियो/ऑडियो फाइलों के लिए बाद में आपको पेड क्लाउड होस्टिंग (जैसे AWS या DigitalOcean) पर जाना होगा क्योंकि मुफ्त होस्टिंग में स्टोरेज सीमित होती है। 2. वीडियो और ऑडियो होस्टिंग (बिना सर्वर क्रैश किए) थर्ड-पार्टी एम्बेडिंग...