बागेश्वर बाबा


धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (जन्म 4 जुलाई 1996, धीरेंद्र कृष्ण गर्ग), जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार या महाराज के नाम से भी जाना जाता है, भारत के मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक धार्मिक तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश हैं वह छतरपुर के बागेश्वर धाम में कथा वाचन करते हैं।

शास्त्री जी,जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं। वह वर्तमान में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक हिंदू तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर और प्रमुख के रूप में सेवा कर रहे हैं।

जन्म 'धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
4 जुलाई 1996
छतरपुर ,मध्यप्रदेश,भारत
धर्म सनातनी हिन्दू
के लिए जाना जाता है
पीठाधीश्वर बागेश्वर धाम सरकार
राष्ट्रीयता भारतीय
मांग हिंदू राष्ट्र,हिंदू एकता,
रुचि _ सनातनी हिंदू,सनातनी मुसलमान,सनातनी सिख,और सनातनी ईसाइयों का समर्थन, प्रेम , विश्वाश में दृढ़ता को देखना।

जीवन

उनका जन्म 4 जुलाई 1996 को छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में एक गर्ग(ब्राम्हण) में हुआ था। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गर्ग का बचपन उनके ही गांव में बीता है। वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं।  उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से प्राप्त की। अपने बचपन में आस-पास के गाँवों में वे दान मांगकर,रामचरितमानस और सत्यनारायण कथा सुनाकर जीविकोपार्जन करते थे। वर्तमान में वह अविवाहित हैं परन्तु शीघ्र ही विवाह करने का विचार कर रहे हैं | उन्होंने ये भी बताया की जयाकिशोरी ✍️Archived 2023-09-03 at the वेबैक मशीन उनकी बहन है जिसकी तथा उनके और जयाकिशोरी के विवाह की खबर अफवाह मात्र है।

 परिवार

धर्मेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम सरकार) के परिवार में उनके माता-पिता, भाई और बहन शामिल हैं। उनके पिता का नाम राम कृपाल गर्ग है, जो पुजारी का कार्य करते हैं, और माता का नाम सरोज गर्ग है, जो गृहिणी हैं। उनके एक छोटे भाई का नाम शालिग्राम (या शालिकग्राम) गर्ग है और एक छोटी बहन का नाम रीता गर्ग है। अपने दादा पंडित भगवान दास गर्ग को वे अपने गुरु मानते थे, जो निर्मोही अखाड़े से जुड़े थे। कुल मिलाकर उनके परिवार में पांच सदस्य हैं—माता, पिता, एक भाई, एक बहन और स्वयं धर्मेंद्र शास्त्री।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म और पालन-पोषण एक हिंदूगर्ग ब्राह्मण परिवार में हुआ, जहां उनके पिता एक पुजारी के रूप में काम करते हैं। कथित तौर पर धीरेंद्र शास्त्री जी को भगवान हनुमान ने बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर बनने और समाज सेवा के लिए काम करने का निर्देश दिया था। उनके अनुसार न ही वो किसी देवता के अवतार हैं न ही वो कोई तांत्रिक हैं, मात्र एक साधारण मानव हैं जिनके पास हनुमान जी और सन्यासी बाबा के आशीर्वाद से सिद्धियां प्राप्त हैं| वे इन शक्तियों को जनकल्याण और मानव सेवाहितार्थ काम में लेते है और उनकी मानसिक,शारीरिक समस्याओ का निदान करते है | पंडित धीरेंद्र जी शास्त्री के द्वारा बागेश्वर धाम की सेवा 3 पीढ़ियों से की जा रही है।

संपति

शास्त्री जी के अनुसार उनके पास निजी संपत्ति के रूप में एक मोटरसाइकिल हैं उसके अलावा जितने भी दान दक्षिणा इत्यादि प्राप्त होता है वह सेवा में उपयोग होता है | उनके अनुसार उन्होंने नौ एकड़ जमीन खरीदी है जिसपर वह कैंसर अस्पताल का निर्माण कर रहे हैं | धाम में आया दान मंदिर विस्तार , जन कल्याण कार्य जैसे कन्याओ का विवाह , रोगों के निदान के लिए और अन्नपूर्णा भंडारा में लगाया जाता है |जिसमे प्रतिदिन कई हजार भक्त प्रसाद ग्रहण करते है |

बागेश्वर धाम

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पीठाधीश्वर और बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख हैं, जो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गाँव में भगवान हनुमान को समर्पित एक हिंदू तीर्थ स्थल है। धाम में शास्त्री जी एक दिव्य दरबार का आयोजन करते हैं जहाँ ऐसा माना जाता है कि वह अपनी दैवीय शक्तियों से लोगों की सभी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक पीड़ाओं को ठीक करते हैं जो उन्हें दादा गुरु जी से मिली थी। लल्लनटॉप के साथ एक साक्षात्कार में शास्त्री जी ने बताया कि वह अपने दादा गुरु जी के बाद धाम के प्रमुख के रूप में सेवा करने वाली तीसरी पीढ़ी हैं।

विवाद

शास्त्री जी उस समय सुर्खियों में आए जब नागपुर की अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव ने उन्हें चुनौती दी और उनकी आध्यात्मिक शक्तियों पर सवाल उठाया, मानव ने शास्त्री जी पर अंध विश्वास को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। जब मीडिया में विवाद शुरू हुआ, तो शास्त्री जी ने मानव को अपने दिव्य दरबार में आमंत्रित किया और वह जो भी जानना चाहते हैं उनसे पूछने के लिए कहा । इस विषय पर उनेह कई प्रमुख हिंदू नेताओं का भी समर्थन मिला। 22 जनवरी, 2023 को कई हिंदू संगठनों ने बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख पुजारी शास्त्री जी का समर्थन किया। 25 जनवरी, 2023 को नागपुर पुलिस ने धीरेंद्र शास्त्री को नागपुर में उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में अंधविश्वासी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में क्लीन चिट दे दी। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि शिकायत की जांच और 'अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' के संस्थापक शिकायतकर्ता श्याम मानव द्वारा प्रस्तुत "सबूत" की जांच के दौरान, ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया जो महाराष्ट्र अंधविश्वास कानून के तहत कार्रवाई को आकर्षित कर सके।

आध्यात्म

शास्त्री जी,जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं। वह वर्तमान में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक हिंदू तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर और प्रमुख के रूप में सेवा कर रहे हैं। शास्त्री जी को रामचरितमानस और शिव पुराण के उपदेश के लिए जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि साधना के माध्यम से उन्हें कुछ दिव्य शक्तियाँ प्राप्त हुई हैं। उन्होंने अपने धाम में अन्नपूर्णा रसोई की स्थापना की है जहां उनके अनुयायियों के लिए निःशुल्क भोजन प्रसाद की व्यवस्था की जाती है। धीरेंद्र शास्त्री गरीब और बेसहारा लड़कियों की शादी का वार्षिक समारोह भी रखते हैं। वह प्राचीन वैदिक अध्ययन और संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए एक वैदिक गुरुकुल की स्थापना कर रहे हैं |

कथित तौर पर, शास्त्री जी ने 2021 में एक घर वापसी कार्यक्रम के दौरान ईसाई धर्म में परिवर्तित 300 हिंदू लोगों को वापस हिंदू धर्म में लाया। 25 जनवरी, 2023 को मध्य प्रदेश सरकार ने शास्त्री जी को मिली मौत की धमकी के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी।

23 जनवरी 2023 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर, शास्त्री जी ने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए "हमें अपना समर्थन दो, हम हिंदू राष्ट्र देंगे" का नारा दिया।इंडिया टीवी के आपकी अदालत कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि वह सभी धर्मो का सम्मान करते हैं और किसी भी धर्म के प्रति दुर्भावना नहीं रखते परन्तु वह अपने धर्म के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां और कृत्य बर्दाश्त नहीं करेंगे |

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