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मई, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रेडियो इंडिया

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विविध भारती भारत के सार्वजनिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती के अंतर्गत आकाशवाणी (All India Radio) की सबसे लोकप्रिय व्यावसायिक और मनोरंजन रेडियो सेवा है । इसकी शुरुआत 3 अक्टूबर 1957 को हुई थी। इसे "देश की सुरीली धड़कन" के रूप में जाना जाता है, जो मुख्य रूप से हिंदी फिल्मी गीतों का प्रसारण करती है। विविध भारती की मुख्य विशेषताएं और इसके लोकप्रिय कार्यक्रम नीचे दिए गए हैं: 📻 मुख्य विशेषताएं विशाल नेटवर्क : देश के 40 से अधिक क्षेत्रीय केंद्रों से इसका प्रसारण होता है। यह भारत की लगभग 97% आबादी तक पहुंचता है। संगीत का संग्रह : इसके पास ऐतिहासिक और आधुनिक बॉलीवुड गानों का 22,000 से भी अधिक का एक समृद्ध डिजिटल संग्रह उपलब्ध है। जवानों का मनोरंजन : देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों के मनोरंजन के लिए भी यह विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत करता है।   Radio India  +2 🎵 लोकप्रिय कार्यक्रम विविध भारती के कुछ सदाबहार कार्यक्रम इस प्रकार हैं: हवा महल : झलकियों और लघु नाटकों का एक बेहद लोकप्रिय और हास्य से भरपूर कार्यक्रम। जयमाला / विशेष जयमाला : भारतीय सैनिकों के लिए फिल्मी गानों का कार्...

रेडियो सिलोन

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रेडियो सिलोन (Radio Ceylon): एशिया की वो आवाज़ जिसने सरहदों को समेट दिया ​अगर हम बीते दौर के रेडियो इतिहास के पन्ने पलटें, तो एक नाम सबसे चमकीला और गूंजता हुआ नजर आता है—रेडियो सिलोन। यह सिर्फ एक रेडियो स्टेशन नहीं था, बल्कि दक्षिण एशिया (विशेषकर भारत) के करोड़ों लोगों के दिलों की धड़कन और उनकी सुबह-शाम का हमसफ़र था। ​दूरदर्शन और एफएम के आने से बहुत पहले, जब भारत में ऑल इंडिया रेडियो (AIR) ने फिल्मी गानों पर पाबंदी लगा दी थी, तब श्रीलंका (तब सिलोन) से उठी इस आवाज़ ने भारतीय उपमहाद्वीप पर राज किया। ​📻 शुरुआत और गौरवशाली इतिहास ​रेडियो सिलोन एशिया का सबसे पुराना रेडियो स्टेशन है। ​स्थापना: इसकी शुरुआत 1923 में 'कोलंबो रेडियो' के रूप में हुई थी, जो ब्रिटिश काल में शुरू हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसे मिलिट्री के हवाले कर दिया गया और बाद में यह 'रेडियो सिलोन' के नाम से मशहूर हुआ। ​लोकप्रियता का टर्निंग पॉइंट: 1950 के दशक में भारत के सूचना और प्रसारण मंत्री बी. वी. केसकर ने ऑल इंडिया रेडियो पर हिंदी फिल्मी गानों (जिन्हें वे 'अश्लील' या ...

ऑफ लाइन Ai

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AI Edge Gallery"  ​1. Google AI Edge ऐप के ज़रिए (가장 आसान तरीका) ​Google ने स्थानीय रूप से AI मॉडल चलाने के लिए ऐप्स अपडेट किए हैं। ​ Android यूज़र्स: Google Play Store पर जाएं और "Google AI Edge" या "AI Edge Gallery" सर्च करके ऐप डाउनलोड करें। ​iPhone यूज़र्स: App Store पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं (इसके लिए आमतौर पर iPhone 15 Pro या उसके बाद के नए मॉडल्स की आवश्यकता होती है ताकि फोन का हार्डवेयर इसे संभाल सके)। ​ऐप डाउनलोड करने के बाद आप इसके भीतर से ही Gemma 4 का लाइटवेट मॉडल (जैसे 2B या 4B वर्शन) डाउनलोड करके ऑफलाइन चैट कर सकते हैं। ​ 2. Ollama या स्थानीय ऐप्स के ज़रिए (Developers और Tech उत्साही लोगों के लिए) ​अगर आप एक डेवलपर हैं या ऑन-डिवाइस AI को पूरी तरह कंट्रोल करना चाहते हैं: ​आप Android पर AICore Developer Preview के ज़रिए इसे एक्सेस कर सकते हैं। ​या फिर मोबाइल टर्मिनल ऐप्स (जैसे Termux) में Ollama इंस्टॉल करके (2B पैरामीटर वाला सबसे छोटा मॉडल जो फोन पर आसानी से चल जाता है)  कमांड से इसे डाउनलोड कर सकते हैं। ​3. Hugging Face ...

AI Perplexity / Comet‑

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? क्या खोज सकते है Perplexity / Comet‑जैसा AI ब्राउज़र: खूबियां, सीमाएं और मंथली प्लान का फायदा आजकल लोग सिर्फ़ Google Chrome या दूसरे पुराने ब्राउज़र पर भरोसा नहीं जता, बल्कि AI‑पावर्ड ब्राउज़र और सर्च इंजन जैसे Perplexity, Comet आदि की तरफ झुक रहे हैं। इस लेख में हम देखेंगे कि इस तरह के ब्राउज़र की खूबियां, सीमाएं, और मंथली पेड प्लान लेने या न लेने पर आपको क्या मिलेगा और क्या नहीं मिलेगा। खूबियां (जो ये कर सकता है) AI से जुड़ा हुआ जवाब: आप सीधा सवाल टाइप करो और यह आपको तैयार जवाब दे देता है – बिना दस‑बीस लिंक खोलने की ज़रूरत। खासकर रिसर्च, टेक, या न्यूज़ से जुड़े सवालों में यह बहुत तेज़ है। स्रोत दिखाकर भरोसा देना: जवाब के साथ यह आपको उन वेबसाइटों/आर्टिकल के लिंक भी दिखाता है, जिन्हें उसने इस्तेमाल किया है, ताकि आप चाहें तो खुद चेक कर सकें कि जानकारी सही है या नहीं। फोन पर भी आरामदायक इस्तेमाल: चाहे आप Chrome, या दूसरे ब्राउज़र से इसे खोलें, फोन पर भी यह बिल्कुल आसान और तेज़ काम करता है – बिना लैपटॉप की ज़रूरत। फ्री में बेसिक उपयोग: बिना किसी पैसा दिए भी आप इसका बेसिक इस...

मैं नहीं जानता

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मैं नहीं जानता कब हुआ कहां हुआ कैसे । मोहम्मद का जन्म 570 में हुआ मृत्यु 632 मे हुई  अरबी कि ग्रामर 780 मे लिखा गया  अब सवाल ये है कि नबी पर आयत कैसे आ रही थी जब अरबी भाषा ही नहीं थी। इस्लाम के अंतिम पैगंबर हजरत मुहम्मद (नबी) का जन्म 570 ईस्वी में हुआ था और उनकी मृत्यु 8 जून 632 ईस्वी को हुई थी ।  इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी) के अनुसार, उनके जन्म और मृत्यु दोनों की तारीख 12 रबी अल-अव्वल मानी जाती है। नबी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विवरण नीचे दिए गए हैं: जन्म और प्रारंभिक जीवन स्थान : आपका जन्म अरब के मक्का शहर में हुआ था। कबीला : आप मक्का के प्रतिष्ठित कुरैश कबीले से ताल्लुक रखते थे। माता-पिता : आपके पिता का नाम अब्दुल्लाह और माता का नाम आमिना था।  मृत्यु और आयु स्थान : आपका निधन मदीना शहर में हुआ था। आयु : मृत्यु के समय आपकी पवित्र आयु 63 वर्ष (चाँद के कैलेंडर के अनुसार) थी। विश्राम स्थल : आपको मदीना में मस्जिद-ए-नबवी (पैगंबर की मस्जिद) के अंदर दफनाया गया था, जिसे आज 'गुंबद-ए-खजरा' (हरा गुंबद) कहा जाता है।  👉 अरबी भाषा का जन्म अरब प्रायद्वीप ...