सांप का पूर्वज कौन?
बचपन से हम सुनते आए हैं कि इंसान का विकास बंदर जैसे प्राणियों से हुआ है. चार्ल्स डार्विन के विकासवाद के अनुसार समय के साथ ये प्राणी दो पैरों पर चलने लगे, दिमाग बड़ा हुआ और आज हम इंसान बने. लेकिन जब बात सांप की आती है तो ज्यादातर लोग हैरान रह जाते हैं. सांप का पूर्वज कौन था? क्या सांप भी डायनासोर से निकले हैं?
आइए इस रोचक सवाल का वैज्ञानिक जवाब जानते हैं.
वैज्ञानिकों के अनुसार सांप छिपकलियों (Lizards) से विकसित हुए हैं. सांप और छिपकलियां दोनों Squamata नामक समूह के सदस्य हैं. सांपों के पूर्वज छोटे, पैरों वाले छिपकली जैसे जीव थे जो लगभग 150-110 मिलियन साल पहले (क्रेटेशियस काल) में रहते थे. इनमें से कुछ जीवों के पैर धीरे-धीरे कम होते गए और शरीर लंबा-पतला होता गया, जिससे वे सुरंगों में छिपने और शिकार करने में माहिर हो गए. सबसे पुराने सांप के जीवाश्मों में Tetrapodophis amplectus जैसे जीव मिले हैं जिनमें अभी भी छोटे-छोटे पैर थे. आधुनिक सांपों का सबसे आम पूर्वज लगभग 110 मिलियन साल पहले का एक छोटा, रात में शिकार करने वाला जीव था जिसके छोटे-छोटे पिछले पैर थे. यह जीव दक्षिण अमेरिका या गोंडवाना महाद्वीप के घने जंगलों में रहता था. मजेदार बात यह है कि सांप डायनासोर के समय में भी मौजूद थे, लेकिन वे उस समय बहुत विविध या बड़े नहीं थे.
डायनासोर के रिश्तेदार
भारत में मिले पूर्वज
वैज्ञानिकों के अनुसार सांप छिपकलियों (Lizards) से विकसित हुए हैं. सांप और छिपकलियां दोनों Squamata नामक समूह के सदस्य हैं. सांपों के पूर्वज छोटे, पैरों वाले छिपकली जैसे जीव थे जो लगभग 150-110 मिलियन साल पहले (क्रेटेशियस काल) में रहते थे. इनमें से कुछ जीवों के पैर धीरे-धीरे कम होते गए और शरीर लंबा-पतला होता गया, जिससे वे सुरंगों में छिपने और शिकार करने में माहिर हो गए. सबसे पुराने सांप के जीवाश्मों में Tetrapodophis amplectus जैसे जीव मिले हैं जिनमें अभी भी छोटे-छोटे पैर थे. आधुनिक सांपों का सबसे आम पूर्वज लगभग 110 मिलियन साल पहले का एक छोटा, रात में शिकार करने वाला जीव था जिसके छोटे-छोटे पिछले पैर थे. यह जीव दक्षिण अमेरिका या गोंडवाना महाद्वीप के घने जंगलों में रहता था. मजेदार बात यह है कि सांप डायनासोर के समय में भी मौजूद थे, लेकिन वे उस समय बहुत विविध या बड़े नहीं थे.
डायनासोर के रिश्तेदार
भारत में मिले पूर्वज
भारत में पाए जाने वाले इंडियन रॉक पाइथन (Indian Rock Python) भी इसी विकास की मिसाल है. यह विशाल लेकिन शर्मीला सांप है. वयस्क इंडियन रॉक पाइथन 10-18 फीट तक लंबा हो सकता है. यह आमतौर पर इंसानों से दूर रहता है और बहुत कम मामलों में ही इंसानों पर हमला करता है. ज्यादातर मामलों में यह छोटे जानवरों जैसे चूहों, पक्षियों, खरगोशों को अपना शिकार बनाता है. हाल के दिनों में कई जगहों पर बड़े पाइथन को सुरक्षित रूप से बचाकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है. ये सांप शांत स्वभाव के होते हैं और जरूरत पड़ने पर ही रक्षात्मक व्यवहार दिखाते हैं. कुछ लोग डायनासोर और सांप को एक ही मान लेते हैं लेकिन वैज्ञानिक अध्ययन साफ बताते हैं कि दोनों अलग-अलग हैं. आज दुनिया में 3000 से ज्यादा सांप की प्रजातियां हैं. इनमें से कुछ जहरीले हैं तो कुछ कंस्ट्रिक्टर (जैसे पाइथन) जो शिकार को दबाकर मारते हैं. लेकिन ज्यादातर सांप इंसानों से बचकर रहते हैं.
लगभग 10-15 करोड़ साल पहले (क्रेटेशियस काल) में जमीन पर रहने वाली छिपकलियों (Lizards) से हुआ है। ये शुरुआती सांप जैसे जीव छोटे थे, जिनके पास चार छोटे पैर थे और वे सुरंगों में रहने या शिकार करने के लिए अनुकूलित थे, जो धीरे-धीरे विलुप्त हो गए।
सांपों के पूर्वजों के बारे में मुख्य वैज्ञानिक तथ्य:
- मूल रूप: सांप छिपकलियों के ही वंशज हैं, जो पैरों वाली प्रजातियों से विकसित हुए।
- पैरों का रहस्य: टेट्रापोडोफिस (Tetrapodophis) और नजश रायनेग्रीनिया (Najash rionegrina) जैसे शुरुआती सांपों के जीवाश्मों में पिछले पैर देखे गए हैं।
- विकासवादी कारण: पैरों के लुप्त होने का कारण संभवतः उनकी जमीन के अंदर बिल खोदकर रहने की आदत थी, जिससे उन्हें तैरने या रेंगने में आसानी हुई।
- अस्थि अवशेष: आधुनिक सांपों (जैसे अजगर) में आज भी पिछले पैरों के अवशेष (Vestigial limbs) पाए जाते हैं।
सरल शब्दों में, सांप मूल रूप से पैर वाली छिपकलियां थीं, जिन्होंने समय के साथ रेंगना सीख लिया।
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